SARASWATI SHISHU MANDIR
अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2024सरस्वती शिशु मंदिर: ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का केंद्र
ओडिशा राज्य के जिला [जिला का नाम] में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर एक निजी, गैर-सहायता प्राप्त स्कूल है। 1999 में स्थापित, यह स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए समर्पित है। स्कूल कक्षा 1 से 8 तक की शिक्षा प्रदान करता है, जिसमें प्री-प्राइमरी कक्षाएं भी शामिल हैं।
शिक्षा का माध्यम ओडिया भाषा है, जो क्षेत्र की स्थानीय भाषा है। स्कूल में 9 शिक्षक हैं, जिनमें 3 पुरुष शिक्षक और 6 महिला शिक्षक हैं। स्कूल में एक प्रधानाचार्य हैं, [प्रधानाचार्य का नाम], जो स्कूल के दैनिक संचालन की देखरेख करते हैं।
सरस्वती शिशु मंदिर में 8 कक्षाएं हैं और छात्रों के लिए 1 पुरुष और 1 महिला शौचालय उपलब्ध हैं। स्कूल में बिजली है, लेकिन इसके चारों ओर कोई दीवार नहीं है। स्कूल में एक पुस्तकालय भी है जिसमें 150 किताबें हैं, और छात्रों के लिए एक खेल का मैदान भी है। स्कूल में पीने के पानी के लिए हैंडपंप उपलब्ध हैं।
स्कूल कक्षा 10वीं के लिए अन्य बोर्ड से संबद्ध है, और कक्षा 12वीं के लिए भी अन्य बोर्ड से संबद्ध है।
सरस्वती शिशु मंदिर सह-शिक्षा प्रदान करता है, जो लड़कों और लड़कियों दोनों को एक साथ शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देता है। स्कूल में प्री-प्राइमरी कक्षाएं भी हैं, जिनमें 4 शिक्षक कार्यरत हैं। स्कूल के पास प्री-प्राइमरी अनुभाग है, जो छोटी उम्र के बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी शामिल करता है।
सरस्वती शिशु मंदिर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके। स्कूल का उद्देश्य बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में एक बेहतर जीवन जी सकें।
यह लेख AI द्वारा उपलब्ध डेटा का उपयोग करके उत्पन्न किया गया है। स्कूल की जानकारी की सटीकता और पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए, आधिकारिक स्रोतों से सत्यापन करना या सीधे संबंधित संस्थान से संपर्क करना अनुशंसित है।
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