SARASWATI SHISHU MANDIR
अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2024सरस्वती शिशु मंदिर: ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र
सरस्वती शिशु मंदिर, उत्तर प्रदेश के एक ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एक निजी, असहायता प्राप्त स्कूल है, जो छात्रों को कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षा प्रदान करता है। 1987 में स्थापित यह स्कूल, हिंदी माध्यम से शिक्षा प्रदान करता है और इसे सह-शिक्षा के रूप में जाना जाता है। स्कूल में 3 कक्षा कक्ष, 2 लड़कों के लिए शौचालय, 2 लड़कियों के लिए शौचालय, एक पुस्तकालय और एक खेल का मैदान है।
शिक्षा का स्तर:
स्कूल उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा प्रदान करता है और कक्षा 10वीं के लिए "अन्य" बोर्ड से संबद्ध है। स्कूल में शिक्षकों की कुल संख्या 2 है, जिसमें 1 पुरुष शिक्षक और 1 महिला शिक्षक शामिल हैं। स्कूल में कंप्यूटर एडेड लर्निंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसमें बिजली की सुविधा है। स्कूल की दीवारें पक्की हैं, लेकिन टूटी हुई हैं।
शिक्षा के लिए सुविधाएँ:
स्कूल में एक पुस्तकालय है जिसमें लगभग 70 किताबें हैं। बच्चों के लिए पीने के पानी की सुविधा हथपंप के माध्यम से उपलब्ध है। स्कूल में विकलांग लोगों के लिए रैंप की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
अतिरिक्त जानकारी:
स्कूल का प्रबंधन निजी और असहायता प्राप्त है। यह स्कूल आवासीय नहीं है। स्कूल छात्रों को भोजन उपलब्ध नहीं कराता है। स्कूल क्षेत्र के अनुसार ग्रामीण है। स्कूल को किसी नए स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया है।
सरस्वती शिशु मंदिर अपने छात्रों को एक सुरक्षित और स्वच्छ माहौल में उच्च प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने का प्रयास करता है। यह ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्कूल के भविष्य के लिए योजनाओं में बेहतर सुविधाओं का निर्माण और छात्रों के लिए और अधिक संसाधन उपलब्ध कराना शामिल है।
यह लेख AI द्वारा उपलब्ध डेटा का उपयोग करके उत्पन्न किया गया है। स्कूल की जानकारी की सटीकता और पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए, आधिकारिक स्रोतों से सत्यापन करना या सीधे संबंधित संस्थान से संपर्क करना अनुशंसित है।
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