P.P.CHIRMOLI
अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2024पी.पी. चिर्मोली प्राथमिक विद्यालय: एक संक्षिप्त विवरण
उत्तर प्रदेश राज्य के जालौन जिले में स्थित पी.पी. चिर्मोली प्राथमिक विद्यालय, एक सरकारी स्कूल है जो 1992 में स्थापित हुआ था। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित यह स्कूल, कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है। स्कूल में कुल 3 शिक्षक हैं, जिसमें 2 पुरुष और 1 महिला शिक्षक शामिल हैं। शिक्षा का माध्यम हिंदी है।
स्कूल में 3 कक्षाएँ हैं, जिसमें 1 लड़कों के लिए और 1 लड़कियों के लिए शौचालय हैं। स्कूल में एक पुस्तकालय भी है जिसमें 80 किताबें उपलब्ध हैं। स्कूल परिसर में पेयजल की सुविधा है, जिसमें हैंड पंप हैं। स्कूल में विकलांग लोगों के लिए रैंप भी उपलब्ध हैं।
स्कूल में एक प्रधानाचार्य हैं, जिनका नाम जितेंद्र कुमार है। स्कूल में प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जाती है, और प्री-प्राइमरी कक्षाएं उपलब्ध नहीं हैं। स्कूल के प्रबंधन की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के पास है।
पी.पी. चिर्मोली प्राथमिक विद्यालय के महत्वपूर्ण पहलू:
- विद्यालय का प्रकार: सह-शिक्षा
- शिक्षा का माध्यम: हिंदी
- कक्षाएं: कक्षा 1 से 5
- शिक्षकों की संख्या: 3 (2 पुरुष, 1 महिला)
- प्रधानाचार्य: जितेंद्र कुमार
- पुस्तकालय: हाँ (80 पुस्तकें)
- शौचालय: लड़कों के लिए 1, लड़कियों के लिए 1
- पेयजल: हैंड पंप
- विकलांग लोगों के लिए रैंप: हाँ
- स्कूल का क्षेत्र: ग्रामीण
- प्रबंधन: शिक्षा विभाग
- स्थापना का वर्ष: 1992
स्कूल की सुविधाएं:
- कक्षाएं: 3
- शौचालय: हाँ
- पुस्तकालय: हाँ
- पेयजल: हाँ
- रैंप: हाँ
स्कूल की कमीयां:
- कंप्यूटर सहायित शिक्षण: नहीं
- विद्युत: नहीं
- परिसर की दीवार: नहीं
- खेल का मैदान: नहीं
पी.पी. चिर्मोली प्राथमिक विद्यालय का महत्व:
पी.पी. चिर्मोली प्राथमिक विद्यालय, ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा प्रदान करता है। स्कूल की शिक्षा का माध्यम हिंदी है, जो स्थानीय बच्चों के लिए समझने और सीखने को आसान बनाता है। स्कूल में शिक्षकों की संख्या पर्याप्त है, और वे बच्चों को शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
स्कूल में सुधार की गुंजाइश:
- कंप्यूटर सहायित शिक्षण: स्कूल में कंप्यूटर सहायित शिक्षण को शामिल करना बच्चों को 21वीं सदी की तकनीकों से परिचित कराएगा।
- विद्युत: स्कूल में विद्युत की सुविधा उपलब्ध कराने से बच्चों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिलेगा।
- परिसर की दीवार: स्कूल परिसर की दीवार बनाने से सुरक्षा और निजता में वृद्धि होगी।
- खेल का मैदान: स्कूल में खेल का मैदान बनाने से बच्चों को शारीरिक गतिविधियों और स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि स्कूल में कुछ सीमाएं हैं, लेकिन शिक्षा विभाग के सहयोग से, स्कूल में सुधार के लिए कार्य किए जा सकते हैं। स्कूल के विकास में स्थानीय समुदाय का सहयोग महत्वपूर्ण है।
यह लेख AI द्वारा उपलब्ध डेटा का उपयोग करके उत्पन्न किया गया है। स्कूल की जानकारी की सटीकता और पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए, आधिकारिक स्रोतों से सत्यापन करना या सीधे संबंधित संस्थान से संपर्क करना अनुशंसित है।
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